शनिवार, 16 मई 2020

Druze Religion

द्रुज धर्म मुस्लिम शिया के एक सेक्ट इस्माइली के मूल तत्वो को स्वीकार करता है एवं उनसे  काफी मिलता जुलता धर्म है लेकिन मुस्लिम से अलग है । हमज़ा इब्न अली इब्न अहमद ने 11 वी सदी मे इस धर्म की स्थापना की एवं Druze धर्म के प्रारम्भिक साहित्य की रचनाकार थे।  हमज़ा ईरान के खुरासान प्रांत के रहने वाले थे।

Druze युद्धप्रिये पर्वतीय लोग है एवं मुख्य रुप से सीरिया, लेबनान, जोर्डन एवं इस्राइल तक सीमित है। इनकी कुल आबादी 8-10 लाख के आस पास है ।

क्रूसेड के समय मुस्लिमो के सहयोगी थे लेकिन जेहाद के विरुद्ध ओटोमन राज्य के विद्रोह करते रहे है ।

Druze ईसा मसीह को भी ईश्वर का अवतार मानते है एवं एकेश्वरवाद मे विश्वास रखते है। आत्मा एवं शरीर के द्वैत को स्वीकार करते है और साथ साथ हिन्दुवों की तरह पुनर्जन्म एवं आत्मा के एक शरीर से दुसरे शरीर मे प्रवेश को स्वीकारते है लेकिन हिन्दुवों और बौद्धों से अलग केवल मुनुष्य की आत्मा का पुनः मनुष्य शरीर धारण करने की मान्यता को स्वीकारता है जबकि हिन्दुवों एवं बौद्धों मे आत्मा किसी भी प्रकार के जीव के शरीर को धरण कर सकती है ।

इनके प्रार्थना गृह को khalwat कहा जाता है । इनमे दूसरे संप्रदाय मे शादी करना सख्त माना है । ये धर्म  परिवर्तन से दूर रहते है ।

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