शनिवार, 16 मई 2020

Brief History of Jews

जब जीजस क्राइस्ट को क्रॉस पर चढ़ाया गया था, उस समय जेरूसलम रोमन साम्राज्य के अधीन एक यहूदी (jews) राज्य था। उस समय का रोमन साम्राज्य, ईसाई होली रोमन साम्राज्य नही था, रोमन उस समय अपोलो, जुपिटर आदि को पूजते थे। 

जीजस के समय यहूदी(Jews) मुख्यतः जेरूसलम के आस पास के क्षेत्रों में रहते थे, जिसे इजराइल कहा जाता था। जब 66 AD से  135 AD के बीच रोमन और यहूदियों में संघर्ष प्रारंभ हुआ, jews के विद्रोह को कुचल दिया गया। जिसमे यहूदियों के एकता खत्म करने की कोशिश की, जेरुसलम को बर्बाद और jews के मंदिरों को तोड़ दिया गया, उनके राष्ट्रीयता को तोड़ने के लिए उस का नाम बदल कर सिरिया फेलिस्तीना कर दिया, jews को जेरूसलम में जाना प्रतिबंधित कर दिया।

इसके बाद बचे खुचे jews Meditarean sea(भूमध्य सागर) के चारो और बसे शहरों में बसने लगे। वहाँ के व्यपारिक केंद्रों में धीरे धीरे मुख्य व्यपारी बनने लगे। सामंतवाद (knightnood) के दौर में जहाँ यूरोप में किसानों की स्थिति बहुत ही बदतर थी, वही jews व्यापार के दम पर अपनी अच्छी स्थिति कायम कर ली थी। धीरे धीरे यूरोप के हर शहरों पर jews बस चुके थे। 

जब यूरोप में चर्च का प्रभाव बढ़ने लगा और जब पूरा यूरोप ईसाई बन गया, तब यूरोप में धर्म के आधार पर यहूदियों को नफरत झेलना पड़ा। जीजस क्राइस्ट को सूली में चढ़ाने का बदला वहाँ बसे यहूदियों से लिया जाने लगा, जबकि जीजस खुद यहूदी परिवार के थे। मध्यकाल में यूरोप के कई जगहों में यहूदियों को मारा गया, भगाया गया और इसकी चरम परिणिती दूसरे विश्व युद्ध मे होलोकॉस्ट के रूप में देखने को मिली।

इस बीच, जैसे जैसे रोमन साम्राज्य ईसाई बनते गए, जेरूसलम ईसाइयों का पवित्र स्थान बन गया। वहाँ ईसाई बसने लगे। लेकिन जब मुस्लिम अरब शासक एक शक्ति के रूप में उभरे, जेरूसलम पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। जेरूसलम के आस पास तो मुस्लिमो ने कब्जा जल्दी ही कर लिया, पर जेरूसलम को जीतने में काफी समय लगा। इधर पोप के अधीन (11वी सदी से 15 वी सदी) ईसाई राज्य जेरूसलम को जीतने के लिए क्रुसेड (धर्मयुद्ध) करने लगे,कई बार जीतने में सफल रहे लेकिन अंततः ऑटोमन साम्राज्य के उदय और कांस्टेण्टिनोपोल के पतन से ईसाई चुनौती समाप्त हो जाती है। इस समय सिरिया फिस्टिनीया में अरबी मुसलमानो की आबादी में वृद्धि होती है, ये स्तिथि प्रथम विश्वयुद्ध तक बनी रहती है। 

द्वीतीय विश्वयुद्ध के बाद सिरिया फेलिस्तीन का क्षेत्र ब्रिटेन और उसके सहयोगी के कब्जे में आ जाता है, इसके बाद पूरे विश्व के jews ब्रिटेन और USA के सहयोग से उस क्षेत्र में बसने लगते है,जिसे वर्तमान में इजराइल कहा जाता है। करीब करीब 2000 साल के बाद फिर से jews राष्ट्रीयता उभरती है।

 जहाँ इस्लाम और ईसाई धर्म के बढ़ते प्रभाव से विश्व के कई रिलिजन समाप्त हो गए है या समाप्त होने की स्थिति में है, वही यहूदियों के यह संघर्ष और जिजीविषा उनको एक पहचान और एक महत्वपूर्ण स्थान देता है।

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